Tuesday, March 3, 2015

स्पिन जादूगर रोमेश पॉवर

आप सभी पाठकों को किट्टू सिंह राठौड़ का प्यार भरा नमस्कार, आज बात उस शख्स के बारे में हो रही है जिसकी तारीफ करने के लिये अमुमन लोगों को शब्द भी किसी ट्रक में लोड करवाकर मँगवाने पड़ जाते हैं और वो भी अन्ना के "नो टन अन्ना" अभियान की अनदेखी करने के बावजूद भी पूरे नहीं पहुंच पाते और बेचारी तारीफ भी महबूबा की शादी में कुर्सियां लगाते किसी नाकाम आशिक की अपनी महबूबा से शादी करने की चाहत की तरह अधूरी ही रह जाती है,

जी हाँ यहाँ बात भरी जवानी में गर्भवती पुरुष बनकर सड़को पर धूमते लौंडो के फिटनेस आदर्श और भारत के स्पिन जादूगर कहे जाने वाले गेंदबाज रोमेश पॉवर की हो रही है।
वैसे तो रोमेश पॉवर की तारीफ में कुछ कहना भरी दोपहरी में हाथ में दिया पकड़कर सूरज को रौशनी देने की कोशिश में अपना चूतिया कटवाने जैसा है, फिर भी लोग ऐसे महान शख्स की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाते, इस समय मुझे भी इनके बारे में लिखते हुए लाखों किलोमीटर का सफ़र तय करके हिन्द महासागर में दो बूँद पानी डालने जाने जैसा ही प्रतीत हो रहा है।
स्पिन के जादूगर रोमेश पॉवर का जन्म महाराष्ट के नागपुर में हुआ था हालाँकि मुम्बई वालों को हमेशा इस बात का मलाल रहता है कि इतना महान गेंदबाज आखिर उनकी सरजमीं पर पैदा होने से मुकर क्यों गया, कहा यहाँ तक जाता है कि इनके कुछ हार्डकोर फैन्स इनके जन्म लेने की घटना को जन्म लेना कम इनका अवतार लेना जादा मानते हैं।
क्रिकेट और स्पिन गेंदबाज़ी के प्रति उनका लगाव उनके परिवार वालों ने बचपन में ही चौबीस घंटे उनके नीचे लटकी दो गेंदों को पकड़ के स्पिन कराने की कोशिश में लगे रहते हुए ही देख लिया था और अंदाज़ा भी लगा लिया था कि ये लौंडा जरूर बड़ा होकर कोई ना कोई कांड करेगा।
बताते हैं रोमेश पॉवर जब क्रिकेट सीखने का इरादा लेकर अपने कोच के पास पहुँचे थे तो कोच को ये सोचने में पूरा दिन ही निकल गया था कि लौंडा आया तो क्रिकेट खेलने है पर ससुरी फुटबॉल पेट में लिये क्यों घूम रहा है।

रोमेश पॉवर गेंद को हाथों से फेंककर स्पिन ही नहीं करते थे कभी कभी गेंद के साथ खुद स्पिन होकर उसको स्पिन होना सिखाया करते थे जैसा की आप ऊपर लगी तस्वीर में देख सकते हैं।
रोमेश पॉवर को सामाजिक कार्यों के लिये भी याद किया जाता है माना जाता है ग्लोबल वार्मिंग बहुत जादा बढ़ने पर ही इन्होंने एक विशेष प्रकार का चश्मा दिन और रात दोनों समयों में पहनकर गेंदबाज़ी करना शुरू किया था, वैज्ञानिकों का मानना है सारी ग्लोबल वार्मिंग पॉवर साहब का वो चश्मा ही अपने अंदर सोख लेता है इसी लिये पृथ्वी पर लोगों का लगातार जीवित रहना संभव हो पाया है।
अब मैं आपको रोमेश पॉवर की अदभुत गेंदबाज़ी के एक रहस्य के बारे बताना चाहूँगा, असल में रोमेश पॉवर एक तेज़ गेंदबाज हैं वो तो उनका वज़न बहुत अधिक होने की वजह से पिच का बैटिंग वाला छोर किसी जरूरत से अधिक लोड लेकर चलती घोड़ा गाड़ी के हवा में लटके घोड़े की तरह आगे से उठ जाता है और गुरुत्वाकर्षण के नियम के कारण गेंद धीमी होकर ही बल्लेबाज़ के पास पहुँचती है, यह प्रक्रिया इतनी तेज़ गति से होती है कि ना तो उसको मैदान में लगा कोई कैमरा देख पाता है और ना ही मैदान में बैठकर मैच देखने वाले लोग इस प्रक्रिया को सिर्फ बकैती के 3D चश्मे से ही देखा जा सकता है जो अमूमन हम लोग ट्विटर पर अपने डिस्प्ले तस्वीरों में 3D चश्मे की तरह इस्तमाल करते हैं।
रोमेश पॉवर ने देश की सेवा टेस्ट और वन डे दोनों टीमों में रहकर कुछ समय तक बड़ी महनत और लगन के साथ की थी और बाद में भारत ने नियमित रूप से रोमेश पॉवर को टीम में खिलाना इसलिए बंद का दिया था क्योंकि ICC के नियमो के अनुसार आप हथियार लेकर मैदान में नहीं जा सकते और  रोमेश पॉवर तो वैसे भी सिर्फ एक हथियार ही नहीं परमाणु हथियार है, वैसे मैं व्यक्तिगत रूप से इस नियम से सहमत नहीं हूँ मेरा मानना है  पुरुषों के क्रिकेट में मैदान में हथियार तो सभी खिलाडी अपने साथ ही लेकर घुसते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में चल रहे विश्व कप में शिखर धवन ने जो शतक साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगाया है उसका सेहरा भी शिखर ने इन्ही साहब के सर पर बाँधा है शिखर का कहना है कि मैच से ठीक पहले रोमेश पॉवर ने फ़ोन करके मुझे ये समझाया था कि स्टेन और मोकल के खिलाफ किस तरह बैटिंग की जानी चाहिये और मैंने ठीक उसका उल्टा किया और नतीजा आप सबके सामने है।
उसी मैच में AB डेविलिएर्स को आउट करवाने में भी रोमेश पॉवर का ही हाथ बताया जा रहा है सूत्रों के हवाले से पता चला है कि धोनी ने पीछे से कह दिया था कि अगला ओवर रोमेश पॉवर वहीँ इंडिया से बैठे बैठे फेंक देगा और यह सुनते ही AB  डेविलिएर्स खौफ़ के मारे उसी गेंद पर रन आउट हो कर पवेलियन लौट गया था, भारतीय कप्तान का कहना है उन्होंने कई अहम् मौकों पर इसी तरह खेल का रुख अपनी तरफ मौड़ा है भारतीय कप्तान ने आगे ये भी कहा कि टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में मिस्बाह के अचानक उस उलटे झाड़ू लगा देने की पीछे भी रोमेश पॉवर का ही हाथ था।
अंत में कहना चाहूँगा मेरी क्रिकेटिंग नॉलेज के हिसाब से रोमेश पॉवर एक बेहतरीन ऑफ स्पिनर थे जिसको उसका असली मुकाम BCCI और सभी भारतीय कप्तान नहीं दे पाये जो उसको मिलना चाहिए आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि गूगल पर रोमेश पॉवर की तस्वीरें खोजे जाने पर शरद पवार की मूँह के कैंसर के बचाव के लिये चेतावनी के तौर पर जनहित में जारी की गई तस्वीरें सामने आ जाती हैं।

1 comment:

  1. वैसे तो रोमेश पॉवर की तारीफ में कुछ कहना भरी दोपहरी में हाथ में दिया पकड़कर सूरज को रौशनी देने की कोशिश में अपना चूतिया कटवाने जैसा है,- lol :) pura vo wala paragraph ek number tha.
    @PuraneeBastee

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